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Wednesday, May 27, 2020

सरकार की मदद से दाल मिल कैसे खोलें? (PMFME/PMEGP गाइड)

   दाल मिल व्यवसाय वह उद्योग है जिसमें कच्ची दालों (चना, अरहर, मूंग, उड़द, मसूर आदि) को प्रोसेस करके उन्हें खाने योग्य दाल के रूप में तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया में दाल की सफाई, छिलका उतारना, पॉलिश करना और पैकिंग की जाती है। भारत में दाल रोज़मर्रा के भोजन का अहम हिस्सा है, इसलिए यह एक स्थिर और लाभदायक व्यवसाय माना जाता है।


🔹 दाल मिल में क्या-क्या किया जाता है?

कच्ची दाल की खरीद – किसानों या मंडी से
सफाई (Cleaning) – धूल, कंकड़, खराब दाने हटाना
ग्रेडिंग – आकार व गुणवत्ता के अनुसार छंटाई
डी-हस्किंग (छिलका हटाना)
पॉलिशिंग – दाल को चमकदार बनाना
पैकिंग – 1kg, 5kg, 10kg आदि पैक में

🔹 दाल मिल व्यवसाय के प्रकार

छोटी दाल मिल – 0.5 से 1 टन/दिन क्षमता
मध्यम दाल मिल – 2 से 5 टन/दिन
बड़ी दाल मिल – 10 टन/दिन या उससे अधिक

🔹 निवेश और मुनाफा (अनुमानित)

निवेश: ₹5 लाख से ₹50 लाख (मशीन क्षमता पर निर्भर)
मुनाफा मार्जिन: लगभग 10%–25%
डिमांड: सालभर स्थिर रहती है 📈

🔹 दाल मिल व्यवसाय के फायदे

दाल की हमेशा मांग रहती है
सरकारी सब्सिडी व लोन उपलब्ध
ग्रामीण क्षेत्र में रोज़गार के अवसर
सही गुणवत्ता से ब्रांड बनाना आसान

व्यवसाय शुरू करने के लिए मुख्य कदम

1. बाज़ार रिसर्च

➡️ अपने इलाके में दाल की मांग, दाम और प्रतिस्पर्धा जानें।
➡️ यह तय करें कि आप खुदरा बिक्री करेंगे या थोक 
➡️ नजदीकी कृषि मंडी में दाल का सप्लाई स्रोत खोजें।

2. व्यवसाय योजना (Project Report) तैयार करें

➡️ इसमें लागत, मशीनों की लिस्ट, उत्पादन क्षमता, बिक्री रेट, लाभ अनुमान आदि लिखें।
➡️ यह रिपोर्ट बैंक लोन और सरकारी योजना के लिए आवश्यक है। 

3. कंपनी/व्यापार रजिस्ट्रेशन

➡️ ✔️ Udyam Registration (MSME) – आसान और जरुरी।
➡️ ✔️ GST रजिस्ट्रेशन – अगर बिक्रय सीमा ऊपर है।
➡️ ✔️ FSSAI लाइसेंस – खाद्य सुरक्षा के लिए अनिवार्य।
➡️ स्थानीय नगर निगम/पंचायत से ट्रेड लाइसेंस। 

🏛️  सरकारी सहायता — PMFME योजना (PM Formalisation of Micro Food Processing Enterprises)

🧾 PMFME योजना क्या है?

PMFME भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकता योजना है। यह लघु खाद्य प्रसंस्करण व्यवसायों को सब्सिडी, लोन, ट्रेनिंग, मार्केटिंग सपोर्ट और टेक्निकल सहायता देती है। 

💸 1) सब्सिडी (Financial Assistance)

➡️ प्रोजेक्ट की लागत का 35% तक क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी
➡️ अधिकतम ₹10 लाख तक प्रति यूनिट सब्सिडी मिल सकती है।
➡️ आपका योगदान कम से कम 10% होगा, बाकी बैंक लोन। 
उदाहरण: कुल खर्च ₹25 लाख → 35% = ₹8.75 लाख तक सब्सिडी मिल सकती है।

📈 2) ब्रांडिंग & मार्केटिंग सपोर्ट

➡️ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग में 50% तक खर्च पर सहायता।
➡️ इससे आप अपनी दाल को बेहतर तरीके से बेच सकते हैं। 

📚 3) ट्रेनिंग और तकनीकी सहायता

➡️ खाद्य सुरक्षा, मशीन ऑपरेशन, गुणवत्ता नियंत्रण और बिजनेस मैनेजमेंट में ट्रेनिंग दी जाती है। 

👥 4) कौन आवेदन कर सकता है?

✔️ व्यक्तिगत उद्यमी
✔️ Self Help Groups (SHGs)
✔️ Farmer Producer Organizations (FPOs)
✔️ सहकारिता समितियाँ और अन्य फर्में भी आवेदन कर सकती हैं। 

📝 आवेदन कैसे करें?

👉 PMFME की आधिकारिक वेबसाइट खोलें: pmfme.mofpi.gov.in
रजिस्ट्रेशन करें और सभी आवश्यक डिटेल भरें।
प्रोजेक्ट रिपोर्ट, पहचान, बैंक डिटेल आदि डॉक्यूमेंट अपलोड करें।
आवेदन सबमिट करके स्टेट/District Resource Officer से फॉलो-अप करें। 

🏦  बैंक लोन विकल्प और अन्य योजनाएँ

👉 PMFME के अलावा आप इन योजनाओं से भी वित्त प्राप्त कर सकते हैं:

✔️ Mudra Loan – बिना अथवा कम गारंटी वाला लोन। 
✔️ CGTMSE – लोन के लिए सरकारी गारंटी। 
✔️ PMEGP – व्यवसाय शुरू/विस्तार के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी। 

🧰  मशीनरी और लागत का अंदाज़

➡️ दाल प्रोसेसिंग मशीन, सफाई सिस्टम, ग्रेडर, पॉलिशर, पैकिंग मशीन आदि लें।
➡️ शुरुआती लागत आम तौर पर ₹8–25 लाख तक हो सकती है (क्षमता पर निर्भर)।

🧾  लाइसेंस और नियम

✔️ FSSAI लाइसेंस – खाद्य कारोबार के लिए अनिवार्य। 
✔️ GST – यदि बिक्री सीमा से ऊपर।
✔️ ट्रेड लाइसेंस – स्थानीय निकाय से।
✔️ यदि आवश्यक हो तो अधिकारियों से पर्यावरण/प्रदूषण मंजूरी। 

🛒 बिक्री और मार्केटिंग

➡️ आप स्थानीय किराना दुकानों में बेच सकते हैं
थोक/डिस्ट्रीब्यूटर से ।
ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर भी बेच सकते हैं ।
➡️ ब्रांडिंग की सहायता से बेहतर रेट मिल सकते हैं। 

✅ निष्कर्ष

📌 दाल मिल व्यवसाय एक लाभदायक और स्थिर व्यवसाय हो सकता है, खासकर अगर आप सरकारी मदद (PMFME) का उपयोग करें तो शुरुआती लागत कम होती है और बिजनेस स्केल जल्दी बढ़ सकता है।
📌 योजना के तहत सब्सिडी, लोन, ट्रेनिंग और मार्केटिंग सपोर्ट मिलते हैं, जिससे जोखिम कम और मुनाफ़ा बढ़ता है।

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