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Thursday, February 16, 2023

औद्योगिक क्षेत्रों में मशरूम का उपयोग और बिजनेस अवसर

     मशरूम खेती आज भारत में कम जगह, कम लागत और ज्यादा मुनाफा देने वाला कृषि-व्यवसाय बन चुका है। सरकार भी इसे स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण और Self Help Groups (SHG) से जोड़कर बढ़ावा दे रही है।


1. मशरूम की खेती क्या है और क्यों लाभदायक है

बिना खेत के कमरे या शेड में खेती संभव

30–45 दिन में उत्पादन

होटल, उद्योग, दवा और फूड प्रोसेसिंग में भारी मांग

साल भर उत्पादन किया जा सकता है

कम पानी और कम जमीन की जरूरत

👉 ऑयस्टर, बटन, मिल्की और शिटाके मशरूम भारत में सबसे लोकप्रिय हैं।

मशरूम की खेती कैसे करें — आसान स्टेप-बाय-स्टेप तरीका :

 1. सही मशरूम का चुनाव करें

शुरुआत में आसान और कम जोखिम वाला मशरूम चुनें:

ऑयस्टर मशरूम (Dhingri) – beginners के लिए सबसे आसान

बटन मशरूम – ठंडे मौसम में

मिल्की मशरूम – गर्म क्षेत्रों के लिए अच्छा

👉 नए किसान ऑयस्टर मशरूम से शुरुआत करें।

 2. जगह (Room / Shed) तैयार करें

मशरूम को खेत की जरूरत नहीं होती।

जगह की शर्तें

साफ और बंद कमरा

सीधी धूप न आए

तापमान 20–30°C

नमी (Humidity) 70–90%

✔ कमरे में बांस या लोहे की रैक लगा सकते हैं।

 3. जरूरी सामग्री

गेहूं या धान का भूसा (Straw)

मशरूम बीज (Spawn)

प्लास्टिक बैग

पानी स्प्रे मशीन

रस्सी या रैक

 4. भूसा (Straw) तैयार करने की प्रक्रिया

भूसे को 4–5 सेमी टुकड़ों में काटें

8–10 घंटे पानी में भिगो दें

1 घंटे गर्म पानी में उबालें (कीटाणु खत्म करने के लिए)

पानी निकालकर ठंडा करें

 5. बीज (Spawn) भरना

प्लास्टिक बैग लें

एक परत भूसा डालें

ऊपर थोड़ा मशरूम बीज डालें

इसी तरह 4–5 लेयर बनाएं

बैग में छोटे छेद कर दें

 6. इनक्यूबेशन (15 दिन)

बैग को अंधेरे कमरे में रखें

तापमान 22–28°C रखें

10–15 दिन में पूरा बैग सफेद हो जाएगा

 7. मशरूम उगाना (Fruiting Stage)

अब बैग को हल्की रोशनी में रखें

दिन में 2–3 बार पानी स्प्रे करें

5–7 दिन में मशरूम निकलने लगेंगे

 8. कटाई (Harvesting)

जब मशरूम पूरी तरह खुल जाए तब हाथ से घुमाकर तोड़ें

एक बैग से 3–4 बार उत्पादन मिलता है

 9. जरूरी सावधानियां

कमरे में सफाई रखें

ज्यादा पानी न डालें

हवा का हल्का प्रवाह जरूरी है

संक्रमित बैग तुरंत हटाएं

 2. सरकार से सहायता और सब्सिडी कैसे मिलेगी

भारत सरकार और राज्य सरकारें कई योजनाओं के तहत सहायता देती हैं:

✔️ प्रमुख सरकारी योजनाएं

National Horticulture Board (NHB) – 30–40% पूंजी सब्सिडी

MIDH / बागवानी विभाग – शेड और यूनिट पर अनुदान

NABARD लोन – कम ब्याज पर 5 लाख से 2 करोड़ तक फाइनेंस

RKVY योजना – प्रशिक्षण और परियोजना सहायता

👉 कई राज्यों में हाईटेक यूनिट पर 40% तक (लगभग ₹8 लाख) सब्सिडी दी जा रही है। 

👉 कुछ योजनाओं में 50% तक या मशरूम किट पर 90% तक अनुदान भी मिलता है। 

आवेदन प्रक्रिया

जिला उद्यान अधिकारी (Horticulture Office) में संपर्क करें

ट्रेनिंग प्रमाणपत्र लें

DPR (Project Report) बनाएं

बैंक लोन + सब्सिडी आवेदन

निरीक्षण के बाद DBT से पैसा खाते में

 3. सरकारी ट्रेनिंग कहाँ मिलेगी

सरकारी संस्थान मुफ्त या कम शुल्क में प्रशिक्षण देते हैं:

कृषि विज्ञान केंद्र (KVK)

ICAR संस्थान

कृषि विश्वविद्यालय

बागवानी विभाग

ICAR-IARI द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर मशरूम प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं, जिसमें किसान और महिला उद्यमी भाग लेते हैं। 

 4. मशरूम खेती के लिए मशीनरी और सामग्री कहाँ मिलेगी

जरूरी मशीनरी

Humidity Controller / Fogger

Rack System

Compost Mixer

Spawn (बीज) मशीन

Cold Storage / Packing Unit

मशीनरी कहाँ मिलेगी

कृषि मशीनरी कस्टम हायरिंग सेंटर (सरकारी)

कृषि विश्वविद्यालय

निजी एग्री कंपनियां

ऑनलाइन एग्री उपकरण सप्लायर

सरकार कई जगह मशीन किराये पर उपलब्ध कराने के लिए केंद्र भी बना रही है ताकि छोटे किसान आसानी से उपकरण ले सकें। 

5. औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Use) में मशरूम का उपयोग

मशरूम सिर्फ सब्जी नहीं — यह एक एग्री-इंडस्ट्री प्रोडक्ट है:

उपयोग

✅ फूड प्रोसेसिंग (सूप, पाउडर, अचार)

✅ होटल और रेस्टोरेंट सप्लाई

✅ ड्राई मशरूम एक्सपोर्ट

✅ हेल्थ सप्लीमेंट और मेडिसिन

✅ रेडी-टू-ईट पैकेजिंग

MoFPI योजना के तहत प्रोसेसिंग मशीन और कोल्ड स्टोरेज पर 35–50% सब्सिडी मिल सकती है। 

 6. Self Help Groups (SHG) को कैसे जोड़ें

मशरूम खेती SHG के लिए सबसे अच्छा मॉडल है।

SHG जोड़ने के तरीके

गांव की महिलाओं का समूह बनाएं

NRLM / आजीविका मिशन में रजिस्ट्रेशन करें

सामूहिक ट्रेनिंग दिलाएं

एक कॉमन मशरूम यूनिट बनाएं

पैकिंग और मार्केटिंग समूह द्वारा करें

👉 कई SHG समूह मशरूम से ₹40,000–₹50,000 महीना कमा रहे हैं और महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। 

 7. लागत और कमाई (अनुमान)

यूनिट                          लागत                 संभावित कमाई

                                                            प्रति चक्र 

छोटा यूनिट        ₹25,000–₹2 लाख  ₹30,000-₹50,000 (200 sq.ft)                                                    

मध्यम यूनिट          ₹5–10 लाख          ₹1–3 लाख/महीना

प्रोसेसिंग यूनिट       ₹15–20 लाख।       एक्सपोर्ट तक मौका

 8. सफल बिजनेस बनाने के टिप्स

पहले ऑयस्टर मशरूम से शुरुआत करें

होटल और मंडी से पहले ही संपर्क करें

ड्राई मशरूम और पाउडर बनाएं (अधिक लाभ)

SHG के साथ उत्पादन बढ़ाएं

ब्रांडिंग और पैकेजिंग करें

निष्कर्ष:

मशरूम खेती आज गांव से उद्योग तक जुड़ा हुआ व्यवसाय है। सरकारी सब्सिडी, ट्रेनिंग और SHG मॉडल के साथ आप कम निवेश में बड़ा बिजनेस शुरू कर सकते हैं।

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